सबके कर्मों का फल मिलता है

बाहर बहुत कड़ाके की ठंड थी।दूध वाला इतनी ठंड में कब से दरवाजा खटखटा रहा था।5-6 मीनट बाद घर का मालिक निकला और बोला इतनी तेज दरवाजा मत पीटा करो बच्चों की नींद खुल जायेगा। प्रत्येक दिन मालिक ऐसा ही करते थे।मन मे दूध वाले ने सोचा कि मैं कड़ाके की ठंड में कब से खड़ा हूं। उनको ये नहीं दिखा। और उनके बच्चे गर्म बीसतर पर सोते हैं तो उनकी नींद खराब हो जायेगी। दूध वाला कुछ नहीं बोलता था चुपचाप वहीं खड़ा रहता जब मालिक निकलता तब वह दूध देकर चला जाता, क्योंकि उसे अपने परिवार का पेट पालना था।उसे कितनी भी ठंड लगे।

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