किसी को आप कपड़े से जज नहीं कर सकते।

कालेज में गयी तब देखा कि कुछ छात्र नेता सबके सामने आपस में गाली देकर बात कर रहे थे।
कुछ हास्टल के बच्चे एक लड़के को मार रहे थे।
फिस जमा करने के लिए लाइन लगी हुई थी एक लड़की बेहोश हो गई उसे मैंने ही सम्हाला कोई उसे देखने तक नहीं आया।
उसके बाद मैं क्लास करके निकली तो प्रोफेसर मैम ने मुझे बुलाया और कहा कि तुम ऐसे कपड़े में कालेज नहीं आ सकती। मेरे पैरों तले जमीन खीसक गई।
मतलब इतना सबकुछ कालेज में प्रोफेसर को नहीं दिखा लेकिन मेरे कपड़े दिख गये मेरे कर्म नहीं दिखे। 
हम किसी को कपड़े से जज नहीं कर सकते उनके कर्म अच्छे होने चाहिए।

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