कर्मों का फल
बहू ने अपनी बूढ़ी सांस को घर से निकाल दिया बेटा भी कुछ नहीं बोला । वो अकेले ही एक झोपड़ी में रहने लगी और पास के ही ही स्कूल में दाईं का काम करने लगी। वो बेचारी बूढ़ी मां अकेली ही दुख भरा जीवन व्यतीत कर रही थी। उसके बाद जब उसके बहू के बेटे कि शादी हुई तो उसने भी यही सब किया। तब उसके बेटे को एहसास हुआ कि उसने कितना ग़लत किया अपनी मां के साथ। और वो अपनी मां को लेने चला गया।
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