मददगार
एक व्यक्ति बैंक में काम करता था। वो गांव से आता था कपड़े भी उसके बहुत सस्ते होते थे। वहां के काम करने वाले उससे ज्यादा बात नहीं करते थे। वो व्यक्ति जानता था कि उसके हुलिए से लोग उससे बात नहीं करते हैं।एक दिन उन्हीं कर्मचारियों में से एक का बेटा बहुत बीमार था।उसे घर जल्दी जाना था उसकी बाईक भी स्टार्ट नहीं हो रही थी। उसने बाकी कर्मचारियों से मदद मांगी तो सभी ने बहाना कर दिया क्योंकि आधा काम करने पर सैलरी कटती।तब अंत में उसी गांव के व्यक्ति ने उसे घर तक छोड़ा और हासपिटल भी ले गया और कुछ पैसे भी दिए। दिखावे पर कभी मत जाइए।
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