उम्मीद नहीं छोड़ी
एक व्यक्ति ने सरकारी नौकरी के लिए बहुत पढ़ा और बहुत से परिक्षा दिया लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली। उसके बाद लोगों ने उसे बहुत कुछ कहा कि अरे इतना पढ़ने के बाद भी कुछ नहीं हाथ आया। फिर उसने अपना बिजनेस शुरू किया उधार के पैसों से लेकिन वो भी अच्छा चल न सका। लेकिन उसने उम्मीद नहीं छोड़ी थी और उसने दोबारा वही बिजनेस शुरू किया और कुछ सालों बाद उसका बिजनेस इतना बड़ा हो गया कि सरकारी नौकरी से ज्यादा पैसा कमाने लगा ।
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