औकात सबकी होती है
एक मजदूर का घर बन रहा था उसका ईंट उसके घर के पास ट्रैक्टर के जरिए गीराना था लेकिन रास्ते में एक कार खड़ी थी उससे हटाने के लिए बोला लेकिन कार वाले ने नहीं हटाया। उल्टा उसने मजदूर को बहुत गालियां दी यहां तक कि उसने बोला तुम्हारी औकात क्या है। मजदूर ने कुछ नहीं बोला। वो अपना ईंट वहीं से उठाकर अपने घर ले जाने लगा कड़ी धूप में।
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