अरे मनाने के लिए भी तो चाहिए

दो बच्चे थे उनके पास सब कुछ तो नहीं था लेकिन वह बहुत खुश थे। होली का त्योहार आया।सब बच्चे नये नये कपड़े पहने थे। लेकिन उनके पास त्योहार मनाते के लिए पैसे ही नहीं थे। कुछ बच्चे उनके पास आये और कहने लगे कि तुमलोग का नया कपड़ा कहा है पहने क्यों नहीं इतना सुनते ही वो दोनो अपने माता पिता के पास गए और कहने लगे हम लोग त्योहार क्यों नहीं मनाते इतना सुनते ही माता पिता के आंखों में आसूं आ गया,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
पिता अपाहिज थे ।।,,,,,,,,,,, माता किसी तरह दो वक्त कि रोटी का इंतजाम करती,,,,,,,,,,,,,,,,,

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