वह खाना 🍱🍛मिलने के इंतजार में था।
वह सुबह से बिना खाएं 😲😲 माॅल के बाहर बैठा हुआ था 🥗🥗इस इंतजार में कि आज इतना बड़ा त्योहार है। कोई ना कोई कुछ खाने को 🍛🍛तो दे ही देगा ।वह इंतजार करता रहा सुबह से-शाम हो गया। लेकिन 🌅 उसे कुछ नहीं मिला। फिर उसने देखा कि एक कार गड्ढे फस गई है। तो उसने कार को निकालने में मदद कि।🤵तो कार वाले ने उसे कुछ पैसे दे दिए।,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, फिर उसने सोचा क्यों ना ऐसे ही छोटे मोटे काम करके मैं 🤷🤷 पैसे कमाया करूं जिससे मेरे खाने का भी व्यवस्था हो 🥺 जाएगा।,,,,,,,,,,, फिर वह काम करने लगा,,,,,,,
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