एक बूढ़ी औरत थी उनको बाईक 🏍🛵पर बैठने नही आता था।

वह बूढ़ी मां थी।उनको अपनी बेटी के घर 🏩 शादी मे जाना था ।वह अपने 🏘बेटो से पहुचाने को वहा कहती तो उनके बेटे उनको चिल्ला देते ।🧑‍🦳👨‍🦳🤶किसी तरह एक बेटा उनको छोड़ने को तैयार हुआ। उनको ठिक से कोई बैठाने वाला भी नही था बाईक 🏍🛵🛴पर वह डरते हुए बैठी ।रास्ते मे उनका 🪆🪆सारी का पल्लू गीर गया लेकिन वह बना नही पा 🧨🧨रही थी क्योकि वह डर की वजह से बाईक पकड़ी हुई थी । उनकी आदत नही थी बाईक पर बैठने की ।🥺😭🥹और बेटा इतने गुस्सै मे लेकर जा रहा था कि वह बाईक रूकवा भी नही सकती थी । उनके आंखों मे आसू आ गए।.....🥺🥺

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