दादा जी से चला नहीं जाता था🥺

बूढ़े दादा जी थे 🐦 उनका दवा चल रहा 🌿था उनका पैर मुड़ता नहीं था वह ठीक 🏵️से बैठ नहीं पाते थे ठंडी का समय🍁 था उनका बेटा उन्हें गोद में उठा करके बाहर धूप में ले जा रहा था और कुर्सी पर जैसे ही बैठाने🎋 गया उसके दादा जी🌾 का पैर मुड़ नहीं रहा था वह कुर्सी पर बैठ नहीं 🍀पा रहे थे कुर्सी उनसे धक्का ☃️खाकर गिर गई लेकिन उनका पर मुड़ा 🌩️नहीं जिससे वह बैठ सके किसी तरह🦕 उस लड़के ने कुर्सी सीधा करके उन्हें बहुत मेहनत से बैठाया ।दुख कि बात ये थी🍒 कि यह सब देखकर आस 🏕️पास के कुछ लोग हंस रहे थे मजे ले रहे थे उन लोगों को गीरता पड़ता 🎈देख। यह भूल जाते हैं🪇 लोग कि उन्हें भी बूढ़ा होना है।

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