उसे कुछ भी मिलता वह खुद को ढक लेता 🪭
बाहर बहुत कड़ाके की ठंड 🎄पड़ रही थी और शीत लहर 💦भी चल रहा था कोहरा बहुत ज्यादा था इसी बीच रोड साइड एक छोटा सा लड़का उसका🪷 कोई घर नहीं था अकेले🎈 रोड पर ही रहता था लोगों से मांग करके खाना खाता था उस रात में बहुत ज्यादा🐥 ठंड लग रही🎉 थी उसका पूरा शरीर कांप रहा था वह पागलों की तरह इधर-उधर कोई ऐसी चीज ढूंढ 🍁रहा था जो कि उसके बदन को🪴 ढक सके वहीं पास में एक पतला सा प्लास्टिक का बोरी रखी हुई थी वह छोटा🌈 लड़का उसको लेकर 🫧ओढ के एकदम सिकुड़ करके सोने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस पतली सी ⛄बोरी से उस लड़के का ठंड 🌤️नहीं जा रहा था वह रात भर बीचारा किसी तरह कांपते हुए बिताया🪺 इस इंतजार में की सुबह धूप होगी।🌧️
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